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Friday, 13 April 2012

अब कसाब है कृष्ण, बाप दो-दो जो पाया-

This Happens Only in India, Mumbai Police के रसोइये Kasab के लिए Biryani बना रहे थे।



खाया छप्पन जान खुद, मेहमान शैतान ।

सत्ता हिन्दुस्तान की, पाकिस्तान समान ।

पाकिस्तान समान, जनक वह इसे जन्मता ।

पालनकर्ता जनक, दिखाता बड़ी नम्रता ।

अब कसाब है कृष्ण, बाप दो-दो जो पाया ।

छप्पन भोग लगाय, अभी भी नहीं अघाया  ।। 

मुश्किल सह अस्तित्व था, दुराग्रही पहचान ।
खतरे में खुद पड़ चुका, रूठा जिद्दी जान ।
 
रूठा जिद्दी जान, जान अब मेरी खाए ।
करूँ नहीं एहसान, आज फिर कौन बचाए ।
 
है निरीह शैतान, सदा हमने बहलाया ।
रखा खींच ना कान, शिखा नख तक तड़पाया ।।
 
 



3 comments:

  1. बहुत सुन्दर...

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  2. अब कसाब है कृष्ण, बाप दो-दो जो पाया
    छप्पन भोग लगाय, अभी भी नहीं अघाया,
    उम्दा पोस्ट ,.....

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