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Monday, 14 May 2012

कार्टून नासमझ, भिड़े इक कार्टून में -


कार्टून तो आप हैं जिन्हें कार्टून समझने की बुद्धि ही नहीं...

  ZEAL - 3 minutes ago

कार्टून में हैं रखे, नोट वोट के थाक |
जर-जमीन लाकर पड़े, है जमीर पर लाक |

है जमीर पर लाक , नाक हर जगह घुसेंड़ें |
बड़े बड़े चालाक, चलें लेकिन बन भेड़ें |

रविकर रक्षक कौन, जहर जब भरा खून में |
कार्टून नासमझ, भिड़े इक कार्टून में ||

होती क्या है टीके की दवा वैक्सीन ?

veerubhai at ram ram bhai - 47 minutes ago

टीका पर करते सटीक, टीका टिप्पण आप |
लोहा लोहे से कटे, कटे विकट संताप |

कटे विकट संताप, सूक्ष्म विश्लेषण करते |
नकारात्मक पक्ष, सावधानी  भी धरते |

टीका पर रख ध्यान, करे ना जीवन फीका |  
रविकर करे सचेत, समझ कर लेना टीका ||


"बन्दीघर में पाला जायेगा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

  उच्चारण - 7 minutes ago
कहो कसाई को अब साईं,
वही गुसाईं  है भाई  |
जब कसाब साहब बन जाए,
होती सब बेकार दुहाई ||

आधा सच भी नहीं दिखाते -
सच कैसे मीडिया बताई |
चांदी के जूते खा-करके,
होती गुरुवर आज छपाई ||


Hindi Topics

मां के साथ हुए गैंग रेप का एकमात्र गवाह था, जिंदा जला डाला

 चिंटू जैसे केस नित, सहता रहा बिहार ।
होय दबंगों के घरे, हर रिश्ते की हार ।  

हर रिश्ते की हार, बहन बेटी पर आफत ।
केवल सेक्स विचार, छोड़ते रहे शराफत ।

ऊपर से छह इंच, नहीं अब बीच काट दो ।
बहुत बड़े यह मर्द, नपुंसक बीच बाँट दो ।।


बेटी,,,,,

dheerendra at काव्यान्जलि ... - 13 minutes ago
प्रस्तुति यह उत्कृष्ट है , रची 'धीर' गंभीर ।
फटें बिवाईं आपनी, तब जाने पर-पीर ।।

5 comments:

  1. रविकर रक्षक कौन, जहर जब भरा खून में ।
    कार्टून नासमझ, भिड़े इक कार्टून में ।।

    सही कहा।

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  2. वाह क्या कहने....
    बहुत अच्छी प्रस्तुति!

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  3. अच्छी प्रस्तुति,मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार,....रविकर जी

    MY RECENT POST काव्यान्जलि ...: बेटी,,,,,

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  4. बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  5. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    सादर

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