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Sunday, 16 September 2012

लेकिन अबकी ढाल, मुलायम ममता माया-



सोनिया भी नहीं हटा पाएंगी मनमोहन को !

महेन्द्र श्रीवास्तव at आधा सच...  

पाण्डव हारे युद्ध यह, मोहन कौरव पास |
माया मरती सड़क पर, ममता का उपहास |
ममता का उपहास, मुलायम मिटटी दलदल |
ध्वस्त हुवे अरमान, बाम बीजे जद छल-बल |
प्राणवायु ले खींच, सिलिंडर नव का तांडव |
जित मोहन उत जीत, हार जाते हैं पाण्डव ||  




बेचेंगे हर हाल में, बचा हुआ सब माल |
अचर सचर
दो साल में, खलें खींच खलु खाल | 

खलें खींच खलु खाल, चाल सी टी दुहराया  |
लेकिन अबकी ढाल, मुलायम ममता माया |

सन चौदह तक होय, तेरही बहुत खलेगी |
जाए न सरकार, दूर तक बड़ी चलेगी ||

माँ की पीर

मनीष सिंह निराला  

लगे मर्म पर चोट जब, याद करें वो रात |
जब ईश्वर से थी कही, पुत्र रत्न की बात |
पुत्र रत्न की बात, घात जीवन पर होवे  |
मारी कन्या भ्रूण, आज क्यूँ उस पर रोवे |
पुत्रमोह का पाप, आज भुगते तू भारी |
वह कन्या तो आज, आप की है आभारी ||

बने नहीं पर न्यूज, लाख मारे मँहगाई


बावन शिशु हरदिन मरें, बड़ा भयंकर रोग ।
खाईं में जो बस गिरी, उसमें बासठ लोग ।
उसमें बासठ लोग, नाव गंगा में डूबी ।
दंगे मार हजार, पुलिस नक्सल बाखूबी ।

गिरते कन्या भ्रूण, पड़े अब खूब दिखाई ।
बने नहीं पर न्यूज, लाख मारे मँहगाई ।।

छपास के भूखे हमारे मुखिया ..

ZEAL at ZEAL
मुंह पर विष्टा थूक है, है खखार ना नाक |
नाक कटी कब की पड़ी, चेहरा कोला-ब्लाक |
चेहरा कोला-ब्लाक, विदेशी डाक्टर बोला |
होगे मिस्टर क्लीन, राज सदियों का खोला |
हड्डी करके चूर, खून से चूरन खाना|
भरे ढेर मजबूर, प्यार से उन्हें मिटाना ||

लेकिन दर्पण अगर, दिखा दो इसको कोई-

मगन मना मानव मुआ, याद्दाश्त कमजोर |
लप्पड़ थप्पड़ छड़ी अब, चाबुक रहा खखोर |

चाबुक रहा खखोर, बड़ी यह चमड़ी मोटी  |
न कसाब न गुरू, घुटाला हाला घोटी |

लेकिन दर्पण अगर, दिखा दो इसको कोई |
भौंक भौंक मर जाय, लाश पर लज्जा रोई ||

आग लगे डीजल जले, तले *पकौड़ी पन्त -

चाटुकार *चंडालिनी, चले चाट सामन्त । 
आग लगे डीजल जले, तले *पकौड़ी पन्त ।

तले पकौड़ी पन्त, कीर्ति मँहगाई गाई ।
गैस सिलिन्डर ख़त्म, *कोयले की अधमाई ।

*इडली अल्पाहार, कराये भोजन *जिंदल ।
इटली *पीजा रात, मनाते मोहन मंगल ।।
प्रश्न : तारांकित शब्दों के अर्थ बताएं ।।

यूपीए का डीजल बम , कांग्रेस का निकलेगा दम

Ajit 
 
महाविषैली पूतना, बकासुरी बकवास ।
घटक घुटाले अघासुर, मन मोहन के पास ।
मन मोहन के पास, दु:शासन दुर्योधन-दिग ।
कर्ण-कपिल चिद-द्रोण, पुत्र जिंदल नाबालिग ।
महाराष्ट्र धृतराष्ट्र, निभाती फिर गांधारी ।
शकुनी की जय बोल, तय पांडव की हारी ।।
मात्राओं का दोष नहीं / इनका ही दोष है ।।



7 comments:

  1. जाए न सरकार, दूर तक बड़ी चलेगी-
    बेचेंगे हर हाल में, बचा हुआ सब माल |
    अचर सचर दो साल में, खलें खींच खलु खाल |

    खलें खींच खलु खाल, चाल सी टी दुहराया |
    लेकिन अबकी ढाल, मुलायम ममता माया |

    सन चौदह तक होय, तेरही बहुत खलेगी |
    जाए न सरकार, दूर तक बड़ी चलेगी ||
    बेहतरीन शब्द मिसायल चलाया है आपने व्यंजना के ब्याज .

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  2. कैग नहीं ये कागा है ,जिसके सिर पे बैठ गया ,वो अभागा है
    कबीरा खडा़ बाज़ार मेंपरVirendra Kumar Sharma - 3 मिनट पहले

    1. Virendra Kumar SharmaSeptember 16, 2012 9:06 PM कैग नहीं ये कागा है ,जिसके सिर पे बैठ गया ,वो अभागा है Dr. shyam gupta ने कहा… शर्माजी.... ये जो नेता संसद में बैठे हैं ..कहाँ से आये हैं ..क्या इंद्र ने भेजे हैं संसद में या किसी अन्य लोक के हैं.... ---- ये सब आपके(आप-हम-जनता जनार्दन) बीच से ही आये हुए हैं... आप ही हैं... आप ने ही अपनी बेगैरती या अकार्यकुशलता, अकर्मण्यता, या लालच से पैसे लेकर भेजे हैं संसद में....अतः ये आप की ही भाषा व कर्म अपनाए हुए हैं.... --- लोकतंत्र में प्रजा ही राजा होती है...राजा बनाने-चुनने वाली ...यथा राजा तथा प्रजा ..अत... अधिक »

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  3. इसे कहतें हैं सीधी सच्ची बात ,दो टूक बे -लाग .वाल मार्ट का तो यहाँ अमरीका में भी विरोध हो रहा है .बहतरीन आलेख आपने मुहैया करवाया है शरम इन चर्च के एजेंटो को बिलकुल नहीं आती .शर्म को भी बेच खाया है इन लोगों ने .कहाँ हैं अब वह कलावती की थाली उड़ाने वाले मंद मति राजकुमार ?
    छपास के भूखे हमारे मुखिया ..
    ZEAL at ZEAL
    मुंह पर विष्टा थूक है, है खखार ना नाक |
    नाक कटी कब की पड़ी, चेहरा कोला-ब्लाक |
    चेहरा कोला-ब्लाक, विदेशी डाक्टर बोला |
    होगे मिस्टर क्लीन, राज सदियों का खोला |
    हड्डी करके चूर, खून से चूरन खाना|
    भरे ढेर मजबूर, प्यार से उन्हें मिटाना ||
    ram ram bhai
    रविवार, 16 सितम्बर 2012
    कानों में होने वाले रोग संक्रमण का समाधान भी है काइरोप्रेक्टिक में
    कानों में होने वाले रोग संक्रमण का समाधान भी है काइरोप्रेक्टिक में

    Acute Otitis Media (Middle Ear Infection
    http://veerubhai1947.blogspot.com/

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  4. बहुत उम्दा ! एक से बढ़ाकर एक !

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  5. वाह बहुत खूब

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी टिप्पणियों से ऊर्जा मिलती है!

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