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Monday, 10 September 2012

चर्चा-मंच प्रणाम, चलो कल होंय हजारी - रविकर

 है हजार हाथा-हथी,  हथिनी हथ हथियार ।
हथियाया हरदम हटकि, हरसाया हरबार । 

हरसाया हरबार, सभी हे *चर्चा-कारों ।
नए-पुराने विज्ञ, नेह शाश्वत स्वीकारो ।

चर्चा-मंच प्रणाम, चलो कल होंय हजारी।
पाठक ब्लॉगर जगत, हुआ रविकर आभारी ।।
*







रविकर फैजाबादी

 शास्त्री जी गुरुनाम धन्य, रूप मंच का श्रेष्ठ ।
सतत परायण चिकित्सक, नर नारायण ठेठ ।

नर नारायण ठेठ, मंच को साजा एकल
चर्चा का आलेख, बढाया कितना दल बल ।

प्रस्तुति हों उत्कृष्ट, सजे हर दिन यह चर्चा ।
रहें स्वस्थ सानंद, पाठकों पढ़ लो पर्चा ।।


 

 

8 comments:

  1. बहुत बढ़िया..रविकर जी..आभार

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  2. आप भाग्यशाली हैं!
    1000वीं चर्चा आपके द्वारा सम्पन्न हो रही है!
    वाह क्या आँकड़ा है?
    समर्थक-900
    चर्चा मंच अंक-1000
    बधाई हो रविकर जी!

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  3. मंगलवार, 11 सितम्बर 2012
    देश की तो अवधारणा ही खत्म कर दी है इस सरकार ने
    आज भारत के लोग बहुत उत्तप्त हैं .वर्तमान सरकार ने जो स्थिति बना दी है वह अब ज्यादा दुर्गन्ध देने लगी है .इसलिए जो संविधानिक संस्थाओं को गिरा रहें हैं उन वक्रमुखियों के मुंह से देश की प्रतिष्ठा की बात अच्छी नहीं लगती .चाहे वह दिग्विजय सिंह हों या मनीष तिवारी या ब्लॉग जगत के आधा सच वाले महेंद्र श्रीवास्तव साहब .

    असीम त्रिवेदी की शिकायत करने वाले ये वामपंथी वहीँ हैं जो आपातकाल में इंदिराजी का पाद सूंघते थे .और फूले नहीं समाते थे .

    त्रिवेदी जी असीम ने सिर्फ अपने कार्टूनों की मार्फ़त सरकार को आइना दिखलाया है कि देखो तुमने देश की हालत आज क्या कर दी है .

    अशोक की लाट में जो तीन शेर मुखरित थे वह हमारे शौर्य के प्रतीक थे .आज उन तमाम शेरों को सरकार ने भेड़ियाबना दिया है .और भेड़िया आप जानते हैं मौक़ा मिलने पर मरे हुए शिकार चट कर जाता है .शौर्य का प्रतीक नहीं हैं .
    असीम त्रिवेदी ने अशोक की लाट में तीन भेड़िये दिखाके यही संकेत दिया है .

    और कसाब तो संविधान क्या सारे भारत धर्मी समाज के मुंह पे मूत रहा है ये सरकार उसे फांसी देने में वोट बैंक की गिरावट महसूस करती है .
    क्या सिर्फ सोनिया गांधी की जय बोलना इस देश में अब शौर्य का प्रतीक रह गया है .ये कोंग्रेसी इसके अलावा और क्या करते हैं ?

    क्या रह गई आज देश की अवधारणा ?चीनी रक्षा मंत्री जब भारत आये उन्होंने अमर जवान ज्योति पे जाने से मना कर दिया .देश में स्वाभिमान होता ,उन्हें वापस भेज देता .
    बात साफ है आज नेताओं का आचरण टॉयलिट से भी गंदा है .
    टॉयलट तो फिर भी साफ़ कर लिया जाएगा .असीम त्रिवेदी ने कसाब को अपने कार्टून में संविधान के मुंह पे मूतता हुआ दिखाया है उसे नेताओं के मुंह पे मूतता हुआ दिखाना चाहिए था .ये उसकी गरिमा थी उसने ऐसा नहीं किया .
    सरकार किस किसको रोकेगी .आज पूरा भारत धर्मी समाज असीम त्रिवेदी के साथ खड़ा है ,देश में विदेश में ,असीम त्रिवेदी भारतीय विचार से जुड़ें हैं .और भारतीय विचार के कार्टून इन वक्र मुखी रक्त रंगी लेफ्टियों को रास नहीं आते इसलिए उसकी शिकायत कर दी .इस देश की भयभीत पुलिस ने उसे गिरिफ्तार कर लिया .श्रीमान न्यायालय ने उसे पुलिस रिमांड पे भेज दिया .
    देश की तो अवधारणा ही खत्म कर दी है इस सरकार ने .

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    1. बेबाक सत्य ....काश कि ये सत्य कुम्भकर्णी नींद में डूबे धृतराष्ट्रों को समझ आ जाये ....शुभ कामनाएं

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  4. शतश :लो प्रणाम हमारे .धरो शून्य एक और हजार के आगे .

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  5. हजारी होने की बधाई
    10000 ke liye asha

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  6. चर्चा मंच के अंक की,गिनती हुई हजार,
    रविकर चर्चा कर रहे,आज दिन बुधवार

    आज दिन बुधवार,समर्थक नौ सौ बनकर
    गाफिल का रिकार्ड,टिप्पणियाँ 111 छपकर

    एक हजारी पोस्ट,आज का पढ़ लो पर्चा
    विर्क,शास्त्री,गाफिल,राजेश,रवि करते चर्चा,,,,,,

    १०००वी चर्चा पोस्ट करने की हार्दिक,,,बधाई शुभकामनाए

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  7. १००० वीं चर्चा की बधाई ...

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